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फलप्रद सम्भ्रम

सम्भ्रमित हो जाना हो बुद्धि भ्रष्ट नहीं होता
अतिउत्तमता का मार्ग नित्य स्पष्ट नहीं होता
वह कभी विचारों मैं उलझे रहना इससे हमें मोहित कर जाता है
कभी सम्भ्रम पर मंथन दूरगामी संकल्पना स्थापित कर जाता है

सम्भ्रम दूर हो तो उज्जवल पथ पर बढ़े चलो
नवीन अन्तर्दृष्टि संग ज्ञान रत्न गढ़े चलो
जो बड़ी बाधा हट जाय तो दर्शित हों मार्ग प्रगति के संभवत अनेक
फलप्रद है कौन सम्भ्रम और कौन कुम्लाहनेवाला यह हो विवेक

जटिल उलझन को सुलझाता है स्थिर अटूट ध्यान
सम्भ्रम से घृणा या विषाद से रहो सावधान
सम्भ्रम से व्याकुल होना बने न पाने श्रेष्ठ बोधक्षमता का कारण
पहचानो पहेली जिसका हल करे हर उचित परिप्रेक्ष्य का निर्धारण

जो अड़चन बाध्य करे विषय की गहन समीक्षा
यह है फलप्रद सम्भ्रम जो है एक परीक्षा
जिस में सफलता पाने से वृद्धि होती है विषय से घनिष्ठ परिचय की
और सुलझाने से जिसके बढ़े आशा ज्ञान पथ पर निकटस्थ विजय की

- कालपाठी



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